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2020 Delhi riots case: Court allows Umar Khalid 2 family video meetings every week

Mark Smith - thedeshpost.com 1 min read 24 views

2020 दिल्ली बवाल मामला: अदालत ने उमर खालिद को हफ्ते में दो वीडियो बातचत्र की अनुमति दे दी Thedeshpost.com – अदालत ने 2020 दिल्ली बवाल मामला में उमर खालिद को…

2020 Delhi riots case: Court allows Umar Khalid 2 family video meetings every week

2020 दिल्ली बवाल मामला: अदालत ने उमर खालिद को हफ्ते में दो वीडियो बातचत्र की अनुमति दे दी

Thedeshpost.com – अदालत ने 2020 दिल्ली बवाल मामला में उमर खालिद को हफ्ते में दो बार परिवार से वीडियो बातचत्र करने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय बुधवार को लिया गया, जिसमें खालिद ने अपनी जेल सुविधा को लेकर आवेदन करते हुए कहा था कि वह अपने परिवार के साथ दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते हैं। अदालत ने इस आवेदन को मंजूर करते हुए बताया कि खालिद की जेल में बातचत्र की नियमित व्यवस्था लंबे समय से बनी रही है और इसका कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

अदालत के निर्णय के पीछे कारण

इस निर्णय के पीछे जेल अधिकारियों द्वारा मई 2020 में बवाल मामला में वीडियो बातचत्र की संख्या घटा दी गई थी। अदालत ने खालिद के आवेदन को खारिज करते हुए बताया कि उनके खिलाफ बरकरार प्रतिबंध के आवश्यकता के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया गया।

मामला और आरोप

2020 दिल्ली बवाल मामला में खालिद के खिलाफ आरोप है कि वह अपने सहयोगी शरजिल इमाम के साथ एक बड़े गुप्त योजना का हिस्सा बने हुए हैं। इस मामले के दौरान राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण रजिस्टर (NRC) और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुए बवाल में 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हो गए।

मामला आभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अपराधी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत चल रहा है। अदालत ने खालिद और इमाम के बेल आवेदन के खिलाफ निर्णय दिया, जिसमें बताया गया कि उनके आरोप विशेष गवाहों की जांच के बाद आवेदन करने की अनुमति दे दी गई।

आवेदन और अदालत के विचार

खालिद ने अदालत में आरोप लगाया कि उनकी लंबे समय तक जेल में रहने के कारण व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। अपील अदालत ने कहा कि खालिद और इमाम के आरोप अलग हैं क्योंकि वे गुप्त योजना के लिए जिम्मेदार हैं। अदालत ने इस बारे में जोर देते हुए कहा कि उनके खिलाफ बरकरार प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है।

इसके अलावा, अदालत ने जेल नियमों के अनुसार परिवार से वीडियो बातचत्र के अधिकार को अपनाने की अनुमति देते हुए कहा कि खालिद की जेल अवधि लंबे समय तक जारी रही है। अदालत के निर्णय के बाद अब खालिद को हफ्ते में दो बार परिवार से बातचत्र करने का अवसर मिल गया है।

मामला के अर्थ और अवसर

इस निर्णय के साथ, खालिद को अपने परिवार के साथ नियमित संपर्क बनाने के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई है। अदालत के निर्णय ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मामला में लंबे समय तक जेल में रहने वाले अभियुक्तों के लिए परिवार वाले संपर्क की आवश्यकता है।

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