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‘None of our MPs will split’: Sharad Pawar’s bold assertion in season of defections

Barbara Wilson - thedeshpost.com 1 min read 7 views

शरद पवार की घोषणा: हमारे कोई एमपी विच्छेद नहीं करेंगे एनसीपी के एमपी विच्छेद खतरे पर बातचीत जारी Thedeshpost.com – नई दिल्ली में राष्ट्रीय विकास अघाड़ी (एनसीपी) के नेता शरद…

‘None of our MPs will split’: Sharad Pawar’s bold assertion in season of defections

शरद पवार की घोषणा: हमारे कोई एमपी विच्छेद नहीं करेंगे

एनसीपी के एमपी विच्छेद खतरे पर बातचीत जारी

Thedeshpost.com – नई दिल्ली में राष्ट्रीय विकास अघाड़ी (एनसीपी) के नेता शरद पवार ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी के कोई भी एमपी विच्छेद नहीं करेंगे, न ही कोई एमएलए अपने पक्ष से बदल जाएगा। यह दावा विच्छेद के आशंका भरे मौसम में एनसीपी की एकता को स्पष्ट करने के लिए आत्मविश्वास के एक बड़े उत्साह के रूप में जारी किया गया है।

इस घोषणा का उत्तर देते हुए एनसीपी के एमएलए धर्मराज अत्रम ने कहा कि पवार के पार्टी के पांच में से छह एमपी विच्छेद करने के लिए तैयार हैं। अत्रम के दावे के खिलाफ एमपी और एनसीपी के एक सदस्य सुप्रिया सुले ने चुनौती दी और कहा कि अत्रम के पास विच्छेद के लिए छह एमपी के नाम निर्धारित करें। “अत्रम जानता है कि कई एमपी कहां जाएंगे, लेकिन मुझे ऐसी जानकारी नहीं है। हमारे आठ एमपी आज, कल और आगामी दिनों में एकता बनाए रखेंगे। अगर अत्रम के पास पांच एमपी के नाम हैं, तो क्यों मेरे नाम को लेकर नहीं आ रहे हैं? मुझे क्यों बचाया जा रहा है?” सुले ने बोला।

सुले ने अत्रम के दावों के खिलाफ गंभीर आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि अगर वह एमपी के पांच नाम रखे हैं, तो क्यों एनसीपी के लोगों की एकता को नुकसान हो रहा है? यह विच्छेद खतरे के बीच आंतरिक अस्थिरता को दर्शाता है।

एनसीपी के वर्तमान में आठ एमपी और दस एमएलए हैं, जो विच्छेद के खतरे के लिए खतरनाक हैं। इसके अलावा विच्छेद निरोधक अधिनियम के तहत, जब एक तिहाई सदस्य एक साथ अपने पक्ष से बदल जाते हैं, तो विच्छेद कार्य शुरू हो जाते हैं। इसके खिलाफ शिव सेना (उबट) और त्रिनामूल कांग्रेस दोनों ताकतों ने इसे अपनाया है।

पवार ने घोषणा की कि एनसीपी के कोई भी एमपी विच्छेद नहीं करेंगे, न ही अपने अधिकार के बारे में कोई अस्पष्टता रहेगी। 2023 में उनके 55 एमएलए में से 40 अजित पवार के साथ आ गए थे, जिसके कारण उनकी संख्या बढ़ गई और अब विच्छेद के मौसम में भी उनकी बातचीत जारी रही है।

2024 में अजित पवार और शरद पवार के बीच अहम बहस शुरू हुई, जिसके बारे में दोनों ने शांति के लिए इशारा किया था। लेकिन अजित पवार की 2026 में अचानक मौत के बाद इस बहस के बीच एनसीपी के भीतर अस्थिरता बढ़ गई। अब भी पवार ने कहा है कि अपने आठ एमपी विच्छेद नहीं करेंगे और विच्छेद के खतरे को समाप्त करने के लिए एनसीपी के विश्वसनीय अधिकार का बरकरार रखना चाहिए।

सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनसीपी के लोकसभा में अब केवल एक सदस्य है। इसे एनडीए में बड़ी बात के लिए संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने नेतृत्व के बारे में अजित पवार द्वारा रची गई अस्पष्टता के कारण उनकी भीतरी बातच

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