30 docs from 9 states guilty of taking pharma company junket, no action yet by 6 state medical councils
9 राज्यों से 30 डॉक्टरों ने फार्मा कंपनी के जुंकेट ले लिया, 6 राज्य चिकित्सा परिषदों ने कोई कार्यवाही नहीं की है
RTI आवेदन के जरिए खुलासा हुआ
30 docs from 9 states guilty - मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 9 राज्यों से 30 डॉक्टरों के नाम फार्मा कंपनी के जुंकेट लेने के लिए दोषी पाए गए हैं। इस खुलासे के पीछे एक RTI आवेदन रहा है, जिसे राष्ट्रीय चिकित्सा समिति (NMC) द्वारा विभिन्न राज्य चिकित्सा परिषदों (SMCs) के जरिए जांच के लिए भेजा गया था। नतीजा यह रहा कि नौ राज्यों में से छह परिषदों ने अभी तक कोई कार्यवाही रिपोर्ट नहीं दी है। फार्मा विभाग द्वारा प्राप्त डेटा के अनुसार, 27 डॉक्टरों के नाम छापे गए हैं, जबकि तीन डॉक्टरों के नाम लेने के लिए कोई व्याख्या नहीं दी गई है। इन 30 चिकित्सकों में से एक असम, दो कर्नाटक, दो दिल्ली, एक गुजरात, दो पंजाब, दो पश्चिम बंगाल, दो तेलंगाना और एक केरल से आए हैं। यह जांच फरवरी 2024 में शुरू की गई थी और 15 दिसंबर, 2025 को पूर्ण होने तक रोक दी गई है।
फार्मा कंपनी और गैर-समान नियमों का उल्लंघन
इस जांच के परिणाम जून 2024 में प्रकाशित हुए, जिसमें यह पाया गया कि फार्मा कंपनी अब्ब वी ने एक समान फार्मा विपणन नियमों का उल्लंघन कर लिया था। डॉक्टरों ने इस कंपनी के द्वारा आयोजित एक विदेशी यात्रा जुंकेट के लिए कोई विरोध नहीं किया। इस घटना के बाद, राष्ट्रीय चिकित्सा समिति ने अग्रिम निर्देश दिया कि 30 डॉक्टरों के नाम जांच में शामिल किए गए हैं। इस बारे में डॉ॰ बाबु के वी ने कहा कि 30 चिकित्सकों के नाम छिपाए रखे गए हैं। इस जांच के दौरान डॉक्टरों के पास फार्मा कंपनी से नियमित बोनस और विशेष समारोह के बदले लाभ के अनुमान के बारे में भी पता चला है।
इस घटना के बारे में अधिक विस्तार से जांच करने के लिए, NMC ने दो समितियों का गठन किया और इन डॉक्टरों के नाम के आधार पर उन्हें लेने की कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध किया। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि आयोजित जुंकेट के दौरान डॉक्टरों को फार्मा कंपनी से बोनस दिए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन डॉक्टरों के विरुद्ध अपराध के आरोप लगाए गए हैं